आधयात्मिक मूल्यों के लिए समर्पित सामाजिक सरोकारों की साहित्यिक पत्रिका.

Tuesday, January 6, 2009

क्या भू्रण हत्या किसी भी तरह से धर्म संगत है?

एक महत्वपूर्ण बात और जो धर्माचार्यों के मुख से निकलने पर और अधिक महत्वपूर्ण बन जाएगी वह है क्या भू्रण हत्या किसी भी तरह से धर्म संगत है? धर्मों में तो ऐसा माना ही जाता रहा है कि मानव भू्रण को भी एक विकसित मानव के समान सम्मान दिया जाना चाहिए। ऐसे में लिंग परीक्षण व भू्रण हत्या का विचार मात्र क्या पाप नहीं। माता के अण्डे तथा पिता के वीर्य के निेपवद होते ही भ्रूण का जीवन प्रारम्भ हो जाता है ऐसा तो आज विज्ञान ने भी सिद्ध कर दिया है कि (तीन हफ्ते के भू्रण का भी हृदय धड़कना शुरू कर देता है। चार हफ्ते का भू्रण भले ही सिर्फ एक चौथाई इन्च का होता है पर उसके सिर तथा शरीर को देखा जा सकता है और तो और आँखें, कान व मुख भी बनने द्याुरू हो जाते हैं। छः-सात हफ्ते में मस्तिष्क में भी हलचल महसूस की जाती है। तथा आठवें हफते में जब अधिकांच्च गर्भपात होते हैं बच्चे के हाथ पैर यहाँ तक कि उँगलियाँ भी बन चुके होते हैं। नौ दस सप्ताह का भू्रण अपने हाथ से पकड़ सकता है व मुँह से अंगूठा भी चूस सकता है। और तीन माह पूरे होते होते, जब भू्रण परीक्षणों के बाद गर्भपात करवाया जाता है। भ्रूण एक पूरे बच्चे का रूप ले चुका होता है।

3 comments:

Truth Eternal said...

ek achchhi pahal hai.....
sabhi dharmacharyon ko isme saath dena chahiye.........

Anonymous said...

yahna main apni ek kavita prastut karna chahati hun:

bhrun hatya par garbha se kanya kah rahi hai {yah kalpna kee gai
hai}
mujhko apne gale lagale ea meri pyari man.
tumko kya batlaun main ki tumse kitna pyar hai..
bhai se kuchh na mangu main,na

papa se aas karun.



apne bal per jinda rahkar, jeevan se sangharsh karun..
kabhi kiran bedi bankar seva se

nata jodu.









tumko kya samjhaun main ki tumse kitna pyar hai,
mujhko apne gale lagalo...............
kabhi banu shushma swaraj main,
aur kabi indira gandhi,
kabhi banu main mayawati to,
aur kabhi sansani pari.
kabhi banu main pratibha patil,tan man tujh per varun..
tumko kya batlaun main ki tumse kitna pyar hai.
mujhko apne gale lagalo....................
man meri too kaha man le,
tera man harshit kar doon,
duniya main aa jane de too,
unche pad per kam karu,
chahe kuchh bhee ban jaun main,
mansa puree kar doon..
kaisae ho ehsas tumhe ki,
tumse kitna pyar hai.
mujhko apne gale lagalo ...............




shashi bala agrawal,
33, saraswati vihar aligarh u.p.
0571-2743847

SANJAY SINGH said...

बहिन शशी जी आपकी टिप्पणी को हिन्दी में बदल कर प्रकाशित कर दिया है। इसमें जो गलतियां हैं उन्हें हम पूरी तरह नहीं सुधार सके जिसके लिये हमें खेद है।