कैसे सुधरोगे? तुम तो बेकार हो बिल्कुल। इसलिए अपने दिमांग को बीच में मत लाना, कभी कोई महापुरूष आऐ तो अपने आप को खतम कर लेना। ऐसा नहीं कर सकते तो कम से कम-कम से कम फॉलो अनुसरण करना, पीछे चलना। वो क्या कहते हैं, समझ में नहीं आए तो चरण पकड़ लेना विनती करना, वो तुम्हें बता देंगे। और वो तुम्हें जुवान से नहीं बताऐंगे, कई तरीके से बताऐंगे-वो आँखों से भी बताते हैं, इशारों से भी बताते हैं, सोते हुए भी बताते हैं, बैठे हुए भी बताते हैं, ख्वाब में भी बताते हैं, नजदीक से भी बताते हैं, बहुत दूर से भी बताते हैं, उनकी हर अदा हमारे लिए शिक्षा होती है, अगर मन उसका अनुसरण कर सके, अगर उनको फॉलो कर सके। ये तुम्हारे लिए बहुत सकून की चीज होती है, और अगर तुम ऐसा कर सके और किसी महापुरूष की चरण की धूल भी मिल गयी तो तुम्हारे जीवन का उद्देश्य पूर्ण हो जाऐगा, क्योंकि आग के पास जाते हैं तो अपने आप गर्मी मिलती है, बात सही है।
Tuesday, November 2, 2010
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